FANI फनि चक्रवाती जीवन तूफ़ानी


फनि!

क्या है तेरा परिचय?

क्या है तेरी पहचान

क्या है तेरी कहानी?

कहां से आए

कहां है जानि?

यह भयंकर है

चक्रवात वात्या

चक्रवाती तूफ़ानी

पुर्व तट अभिमानी

पृथ्वी धरा पृष्ठ

परीक्षा है

संकट, कष्ट

रचना है किसकी?

धरा की गौद में

खेलती नाचती

उन्माद मचाती

प्रक्रृति की प्रवृत्ति 

रूप कैसा अपरुप

प्रक्रृति का विकार

यह महा विपत्ति!

विकट परिस्थिति

महा विपदा में

सत् साहस और संघर्ष

ही है महा संजिवनी।

महाप्रभु जय जगन्नाथ

के पावन भूमि में

प्रभु से मिलन

पराकाष्ठा जीवन

प्रियतम से विनती

ऋत

स्वयम् प्रकृति।

~ प्रबीण कुमार पति

© Prabeen Kumar Pati

© प्रबीण कुमार पति

द्रष्टव्य:

बहुत अधिक हानि

लेकर आया है फनि

विस्तार:

जीवन जावन को अति क्षय क्षति

लेकर आया है यह महा चक्रवाती

जैसे छोटा ताण्डव है

यह चक्रवात वात्या

प्राण जीवन जाते

तो भी ना कहलाती यह हत्या;

चक्रवात से बहुत अधिक हानि

लेकर आया है चक्रवाती फनि!

Basant Panchamii – Happy Spring – Season’s Greetings


Oh Goddess SARASWATII!
This Basant Panchamii,

let be far away
let be the end (or fastened beginning of the end)
of the five darknesses –

  1. ignorance & illiteracy, improper education,

  2. wrong & misconception, bad/cuss/cursing-words & foul & filthy language,

  3. fake news, false propaganda; misinformation, misrepresentation or suppression of facts

  4. lack of art & creativity, lack of music; degrading, insult of or disrespect to art & creativity; degrading, insult of or disrespect to music;

  5. arrogance, bullying & harassment

 

Oh Goddess Saraswatii!

This Basant Panchamii, with THE ADVENT OF SPRING

let blossom, spread, and prosper & acknowledgement, resect & reverence & celebration of
the five elements – five principles/values/virtues –

  1. right & true knowledge & learning, proper and empowered education,

  2. true & correct concepts, ideas & perception; true & proper words & language, conduct & morality

  3. true and correct news, information & facts with true and correct representation

  4. art, music & creativity; originality

  5. truth, truthfulness & honesty, integrity & righteousness, ethics & conduct and humility

 

anigif_MyPrayer_BasantPanchami_22Jan2018

हे माँ सरस्वती!
इस बसंत पंचमी में,
दूर हो बस अंत हो
१) अज्ञान ओ निरक्षरता, कुबिद्या/कुविद्या तथा कुशिक्षा
२) अपशब्द, कुशब्द; तथा कुभाषा ओ अपभाषा; दुराचरण
३) भूल एबं मिथ्या-धारणा, मिथ्या, मिथ्या तथ्य ओ अपप्रचार तथा मिथ्या सम्बाद
४) कला ओ संगीत का अपमान या हानि
५) अहंकार, तर्जन, बदमाशी ओ उत्पीड़न

 

हे माँ सरस्वती!
इस बसंत पंचमी में, वसंत के आगमन के
साथ ही साथ
हर्ष ओ उल्लास के साथ ही
आगमन हो,
फुल्लित, प्रफुल्लित, कुसुमित तथा बिकाश, प्रसार, प्रचार ओ उन्नति तथा समृद्धि एबं आदर, श्रद्धा ओ सम्मान हो
पंच तत्त्व पांच मूल्यों का
सठिक और सशक्त
१) सठिक और उचित ज्ञान एबं विद्या; ओ सठिक ओ सशक्त शिक्षा
२) शब्द; भाषा एबं उचित भाषा; तथा आचरण / सदाचरण
३) सठिक धारणा, तथ्य, सुप्रचार; तथा सठिक ओ सत्य सम्बाद एबं तथ्य उपस्थापना
४) कला, रचना ओ रचनात्मकता तथा संगीत / सुसंगीत; मौलिकता तथा स्वतन्त्रता
५) सत्य, सत्यता / सत्यवादिता; सत्यनिष्ठा ओ अखंडता; सदाचरण; तथा नम्रता

~ प्रबीण कुमार पति

 

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~ Prabeen Kumar Pati